Chhagan Bhujbal Maratha Reservation छगन भुजबळ का विरोध क्यों?
Chhagan Bhujbal Maratha Reservation महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण बनाम ओबीसी आरक्षण का मुद्दा फिर से गर्म हो गया है।
अन्न व नागरी पुरवठा मंत्री छगन भुजबळ ने साफ कहा है कि अगर मराठा समाज को ओबीसी घटकांत आरक्षण दिया गया तो ओबीसी वर्ग की 20% नौकरियां घट सकती हैं।
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मराठा आंदोलन और सरकार का फैसला
- मराठा समाज के नेता मनोज जरांगे पाटील ने मुंबई में 5 दिन का उपोषण किया।
- इसके बाद राज्य सरकार ने हैदराबाद गॅझेट लागू करने का निर्णय लिया।
- इस घोषणा से मराठा समाज को ओबीसी प्रवर्ग का फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है।
Chhagan Bhujbal Maratha Reservation ओबीसी समाज की नाराज़गी
ओबीसी समाज ने इस निर्णय का विरोध किया है।
छगन भुजबळ का कहना है –
अगर मराठा समाज ओबीसी कोटा में शामिल हुआ तो ओबीसी की थाली से हिस्सा कम होगा।
हर 10 नौकरी में से 2 नौकरियां घट सकती हैं।
पहले से ही हर साल 2% नौकरियां घट रही हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी इस पर असर डाल रही है।
Chhagan Bhujbal Maratha Reservation आरक्षण पर राजनीति गरमाई
- भुजबळ ने संकेत दिया है कि वे इस फैसले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
- नागपूर समेत कई जगहों पर ओबीसी समाज आंदोलन कर रहा था, लेकिन अब इसे कोर्ट में लड़ाई के लिए रोक दिया गया है।
- आरक्षण का यह विवाद फिर से मराठा बनाम ओबीसी राजनीति को गर्म कर रहा है।
FAQ’s:
Q1. Chhagan Bhujbal Maratha Reservation छगन भुजबळ ने मराठा आरक्षण पर क्या कहा?
Ans: उन्होंने कहा कि अगर मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण मिला तो ओबीसी वर्ग की नौकरियों में 20% तक कमी आ सकती है।
Q2. Chhagan Bhujbal Maratha Reservation हैदराबाद गॅझेट क्या है?
Ans: यह सरकार द्वारा लागू किया गया एक आदेश है जिससे मराठा समाज को ओबीसी प्रवर्ग के तहत आरक्षण का लाभ मिल सकता है।
Q3. Chhagan Bhujbal Maratha Reservation मनोज जरांगे पाटील ने क्या आंदोलन किया था?
Ans: उन्होंने मुंबई में 5 दिन का उपोषण किया, जिसके बाद सरकार ने मराठा आरक्षण पर कदम उठाया।
Q4. Chhagan Bhujbal Maratha Reservation ओबीसी समाज क्यों नाराज़ है?
Ans: उनका मानना है कि मराठा समाज को ओबीसी में शामिल करने से उनकी नौकरियों और आरक्षण में कटौती होगी।
Q5. Chhagan Bhujbal Maratha Reservation आगे यह विवाद कहां जाएगा?
Ans: छगन भुजबळ और ओबीसी समाज के नेताओं ने संकेत दिया है कि यह मामला अब न्यायालय में जाएगा।
