G-ZPPKZFFYSH Sanjay Raut On Devendra Fadnavis:मुंबई में कबूतरों को तो मिलती है आंदोलन की अनुमति, मराठी मानुष को क्यों नहीं? संजय राऊत का सीएम फडणवीस पर सीधा सवाल

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis:मुंबई में कबूतरों को तो मिलती है आंदोलन की अनुमति, मराठी मानुष को क्यों नहीं? संजय राऊत का सीएम फडणवीस पर सीधा सवाल

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis प्रस्तावना

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्माया हुआ है। मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में मराठा समाज के आंदोलन को मुंबई के आजाद मैदान में मात्र एक दिन की अनुमति मिलने पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के सांसद संजय राऊत ने राज्य सरकार पर जमकर तीखी टीका की है। राऊत ने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि “मुंबई में कबूतरों के लिए तो आंदोलन को अनुमति मिलती है, लेकिन मराठी मानुष को अपनी ही राजधानी में आंदोलन का अधिकार नहीं है” । इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है और सरकार की नीतियों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

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मराठा आंदोलन की पृष्ठभूमि

मराठा समुदाय लंबे समय से ओबीसी वर्ग में शामिल होकर आरक्षण पाने की मांग करता रहा है। इस मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में कई बार आंदोलन हो चुके हैं। हाल ही में, जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें केवल एक दिन के आंदोलन की अनुमति दी है । इस सीमित अनुमति को लेकर मराठा समुदाय में काफी रोष है, और अब विपक्षी नेता भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोल रहे हैं।

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis संजय राऊत के मुख्य आक्षेप

1. आंदोलन अनुमति में भेदभाव

राऊत ने सरकार की आंदोलन अनुमति नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि “मुंबई में कबूतरों के लिए आंदोलन होते हैं और सरकार उन्हें अनुमति देती है। फिर मराठा समाज को मुंबई में आंदोलन करने के लिए सरकार को अनुमति क्यों नहीं देनी चाहिए?” । इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई मराठी मानुष की राजधानी है और उन्हें यहां अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

2. मुख्यमंत्री से संवाद की मांग

राऊत ने मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधे संवाद साधने की अपील करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री को आंदोलकों से बातचीत करनी चाहिए। मनोज जरांगे पाटील एक बड़े नेता हैं और उनके पीछे समाज की बड़ी ताकत है। उनकी कुछ मांगें हैं तो वे सरकार से मांग कर रहे हैं” । राऊत ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लाखों की संख्या में मराठी लोग मुंबई आते हैं, तो उनसे संवाद किए बिना शांति बनाए रखना मुश्किल होगा।

3. जानबूझकर सीमित अनुमति

शिवसेना नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर केवल एक दिन की आंदोलन अनुमति दी है, जो मराठा समुदाय के साथ एक तरह का मजाक है । उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो अधिक दिनों की अनुमति दे सकती थी, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

तालिका: मराठा आंदोलन और सरकारी प्रतिक्रिया की समयरेखा

तारीखघटनासरकारी प्रतिक्रिया
27 अगस्त 2025मनोज जरांगे पाटील ने मुंबई कूच का ऐलान कियासरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी
28 अगस्त 2025आजाद मैदान में आंदोलन शुरू किया गयाकेवल एक दिन की अनुमति दी गई
29 अगस्त 2025आंदोलन जारी रखने की योजनापुलिस कार्रवाई की धमकी

देवेंद्र फडणवीस पर हो रहे आरोप

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis राऊत ने मुख्यमंत्री फडणवीस पर जानबूझकर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि “पिछले दस सालों में केंद्र में नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने जाति-जाति के टुकड़े करने का काम किया है” । उन्होंने आगे कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने मराठी लोगों की एकजुटता बनाई थी, लेकिन फडणवीस ने इसे तोड़कर सत्ता पाने के लिए समाज में फूट डाल दी।

राऊत ने यह भी दावा किया कि फडणवीस सरकार वोट चोरी करके सत्ता में आई है और उन्होंने कहा कि “पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लोकतंत्र की हत्या करके सत्ता पर बैठे हैं” । उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लीबिया, इराक, सीरिया, अफगानिस्तान और युगांडा में होता है, और भारत में भी इसी तरह से सत्ता हथियाई जा रही है।

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis मुंबई की पहचान और मराठी अस्मिता का सवाल

राऊत ने इस पूरे विवाद को मुंबई की पहचान और मराठी अस्मिता से जोड़ते हुए कहा कि “मुंबई सिर्फ एक हिस्से की राजधानी नहीं है, बल्कि कोकण, विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र सभी की राजधानी है” । उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई मराठी मानुष की है और उन्हें यहां अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।

शिवसेना नेता ने बालासाहेब ठाकरे के मराठी एकजुटता के प्रयासों को याद करते हुए कहा कि “बालासाहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र में मराठी मानुष की एकजुटता बनाने की कोशिश की थी, लेकिन फडणवीस ने उनकी इस विरासत को उड़ाने का काम किया” ।

सरकार की जिम्मेदारी और कानून-व्यवस्था

राऊत ने माना कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि आंदोलकों को रोकना उचित नहीं है । उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सलाह देते हुए कहा कि “आंदोलनकारियों को रोकने के बजाय उनसे सीधा संवाद साधें। मराठी मानुष को आंदोलन का अधिकार नकारना गलत है” ।

राऊत ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आंदोलकों से संवाद नहीं किया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने कहा कि “मुंबई में गणेश उत्सव बड़े पैमाने पर होता है, लेकिन उन्होंने आंदोलन की एक तारीख ली है। राज्य के प्रमुख के रूप में बहुमत वाली सरकार आप चला रहे हैं और आपको हर तरह के फैसले लेने का अधिकार है” ।

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य के प्रभाव

इस विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां शिवसेना (उद्धव गुट) सरकार पर हमला कर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन ने अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है, खासकर स्थानिक निकाय चुनावों के नजदीक आने के साथ ।

मराठा समुदाय राज्य की कुल आबादी का लगभग 30% है और उनका राजनीतिक प्रभाव काफी महत्वपूर्ण है। अगर सरकार इस मुद्दे को संज्ञान में नहीं लेती है, तो इसके राजनीतिक नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

Sanjay Raut On Devendra Fadnavis संजय राऊत का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में मराठी अस्मिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। सरकार की ओर से आंदोलनों को अनुमति देने में चयनात्मक रवैया चिंता का विषय बनता जा रहा है। जहां एक ओर कबूतरों के लिए आंदोलनों को अनुमति मिलती है, वहीं मराठा समाज जैसे बड़े समुदाय को उसकी मांगों को उठाने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इस मुद्दे का समाधान केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति और सामाजिक संवाद से ही निकल सकता है। महाराष्ट्र सरकार को चाहिए कि वह इस मामले में गंभीरता दिखाए और मराठा समुदाय की जायज मांगों को ध्यान से सुनें, ताकि राज्य में शांति और सद्भाव बना रहे।

FAQ’s:

  1. प्रश्न: Sanjay Raut On Devendra Fadnavis संजय राऊत ने देवेंद्र फडणवीस पर क्या आरोप लगाए?
    उत्तर: संजय राऊत ने आरोप लगाया कि फडणवीस सरकार मुंबई में कबूतरों के आंदोलनों को तो अनुमति देती है, लेकिन मराठी लोगों को अपनी मांगों को उठाने नहीं देती ।
  2. प्रश्न: Sanjay Raut On Devendra Fadnavis मराठा आंदोलनकारियों को मुंबई में कितने दिन की अनुमति मिली?
    उत्तर: मनोज जरांगे पाटील के नेतृत्व में मराठा आंदोलनकारियों को मुंबई के आजाद मैदान में केवल एक दिन के आंदोलन की अनुमति मिली है ।
  3. प्रश्न: Sanjay Raut On Devendra Fadnavis राऊत ने फडणवीस पर जातियों को बांटने का आरोप क्यों लगाया?
    उत्तर: राऊत का कहना है कि पिछले दस सालों में फडणवीस ने जानबूझकर जाति-जाति में टुकड़े करने का काम किया है, जबकि बालासाहेब ठाकरे ने मराठी लोगों की एकजुटता बनाई थी ।
  4. प्रश्न: Sanjay Raut On Devendra Fadnavis इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव क्या हो सकता है?
    उत्तर: विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले स्थानिक निकाय चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि मराठा समुदाय राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है ।
  5. प्रश्न: Sanjay Raut On Devendra Fadnavis सरकार ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
    उत्तर: अभी तक सरकार की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करेगी 。

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